Lord's के मैदान में वर्ल्ड कप फाइनल में किस्मत का खेल

दो बहोत ही चमत्कारी बातें हुई इस मैच में। बेन stokes को बाउंडरी पर लपका गया, मगर फील्डर का पैर सीमा रेखा से छू गया। यह नियम के अनुसार छक्का हुआ।

और कुछ ही गेंदों बाद जब 4 बाल पर नौ रन चाहिए थे, जो की इस बड़े मैदान में इंग्लैंड को मुश्किल पड़ सकते थे,  stokes दो रन चुराने के लिए दौड़ रहे थे तब सीमा रेखा से फैंकी गयी गेंद stokes के bat के टकरा कर चौक्के पर चली गयी। नियम के अनुसार यह छहः रन माने गये!

अद्भुत, विरले।

इंग्लैंड को अंतिम दो गेंदों में तीन रन चाहिए थे, और दो विकेट बाकी थे। अंतिम-पूर्व गेंद पर एक विकेट रन ऑउट हुआ, दूसरा रन चुराने की कोशिश करते हुए।
अब अंतिम बाल पर वापस दो रन चाहिए थे, और एक ही विकेट बाकी था। वापस दूसरा रन चुराने के चक्कर में अंतिम खिलाड़ी ऑउट हो गया।

फिर यह मैच tie हुए, और उसके बाद पहली बार super over का प्रयोग करना पड़ा। जो की वापस tie ही हुआ। new zealand को super over की अंतिम बाल पर दो रन चाहिए थे , और फिर वही दोहर गया। इस बार new zealand के खिलाड़ी दूसरा रन चुराने के चक्कर में रन ऑउट हो गये। super over भी tie घोषित हुआ।
मगर नियम के अनुसार super over यदि tie होता तब उस टीम को विजेता घोषित किया जाना था जिसने अपने मुख्य खेल वाली पारी के दौरान अधिक बाउंडरी shots जड़े थे।  यहीं पर इंग्लैंड विजेता घोषित हो गये।

इतिहास में ऐसा न देखा और न ही सुना गया था। आज जब पहली बार यह सब देखने-सुनने को मिला भी तो कब? सीधा विश्व कप के final match के दौरान ! अमीर खान की 'लगान' से भी अधिक किस्मत थी इसमे। मज़े की बात, दर्शकों में new zealand के लिए भी सम्मान बना रहा इस तरह के अद्भुत अंत को देखने से और सभी दर्शकों ने किस्मत के अंश को और खेल के नियम को असली विजेता मान लिया।

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