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क्या भेद है अमरीकी प्रजातंत्र और ब्रिटिश प्रजातंत्र में

गहराई में देखा जाये तो अमेरिकी डेमोक्रेसी उनकी से संस्कृति में free gun running की बदौलत टिकी हुई है, जबकि ब्रिटिश democracy को उनके समाज में टिके रहने का स्तम्भ है: standards तथा checks and balance विधि। ब्रिटिश समाज में ये शांतिप्रिय विधि से प्राप्त किया जा सकता है, मगर अमेरिकी समाज में हिंसा (या हिंसा के भय) की बदौलत ही ये प्राप्त होता है। मानक और संतुल को तय करने की भूमि यदि शांतिप्रिय है, तब वो निश्चय ही अंतरात्मा को बुलंद करने के लिए किये गए उपायों से प्राप्त होती है। अन्यथा उसको अशांत हो जाना तयशुदा है, और तब वो free gun running से प्राप्त हो जाती है। 

 अमेरिकी और ब्रिटिश प्रजातंत्र के उपज का ये सूक्ष्म अंतर बहोत कम लोगों को समझ में आयेगा और दिखाई पड़ेगा। आम जनता को लगता है कि free gun running की व्यवस्था अमेरिकी समाज पर अभिशाप है। जब भी हमें किसी अमेरिकी college , विश्वविद्यालय में कोई बड़ी gun shooting की घटना की खबर सुनाई पड़ती है, तब हम भारतीय लोग उसपे दुःख व्यक्त करते हुए सोचते हैं की कानून बना कर gun running को free होना बंद कर देना चाहिए। मगर अमेरिका के गेहरे चिंतक, बुद्धिजीवी गुपचुप ऐसा कोई कानून बनाने का समर्थन नही करते है। क्यों? ऊपर लिखा हुआ विचार वो वास्तविक दार्शनिक कारण है कि अमेरिका के गेहरे चिंतक किस गहराई से तंत्र तथा समाज पर अपनी बैद्धिक पकड़ रखते है, और आसानी से अनुमान लगा ले रहे है, कि यदि gun running पर license लागू हो गया, तब समाज और देश की व्यवस्था पर इनका क्या बद असर पड़ जायेगा !

आगे,
ब्रिटिश समाज कैसे , किन कारणों से शांतिप्रिय होते हुए मानकों और check and balance को तय कर लेता है, जबकि अमेरिकी समाज नहीं कर पाता है?
ब्रिरिश समाज में इसका भेद छिपा है उनके राजशाही व्यवस्था , उसके protestant church के परिवेश में प्राप्त विशेष प्रकार के लालन तथा शिक्षा व्यवस्था में ! 

अब, इसके आगे बात को पूर्ण स्पष्ट करने में लंबा व्याख्यान लगेगा कि कैसे protestant church उनकी राजशाही में कुछ ऐसे चारित्रिक गुणों का समावेश करता है, जो की आगे जा कर उनके समाज में प्रजातंत्र को पनपने की भूमि प्रदान करवाते हैं।
 

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